हालात सुधरे तो केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य बनाएंगे .


अमित शाह. जम्मू-कश्मीर में 10% आरक्षण पर राज्यसभा की मुहर, आमदनी का पैमाना सालाना 8 लाख रुपए जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन बिल, राज्य के अार्थिक रूप से पिछड़े वर्गाें काे 10% अारक्षण देने से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकाेें काे राज्यसभा ने साेमवार काे पास कर दिया। इसके पक्ष में 125 और विरोध में 61 वोट पड़े। विधेयकाें पर करीब छह घंटे चली बहस में गृह मंत्री अमित शाह ने न केवल सदस्याें के सवालाें के जवाब दिए, बल्कि उनकी अाशंकाअाें काे खारिज भी किया। शाह ने राज्यसभा में कहा कि हालात सुधरने पर जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा। राज्य काे मुख्य धारा से जाेड़ने अाैर उसके विकास के लिए अनुच्छेद 370 हटाना जरूरी था। इससे राज्य में अातंकवाद का अंत होगा। शाह ने राज्य की शिक्षा, सेहत, राेजगार, भ्रष्टाचार अाैर गरीबी के मुद्दाें पर बात की। शाह ने बताया अनुच्छेद 370 काे हटाने और जम्मू-कश्मीर समस्या के समाधान के लिए संसद में दो संकल्पाें पर बिल लाने की वजह भी सदन को बताई। आतंक और हिंसा पर वार गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 370 के कारण राज्य के युवाओं को कुछ समूहों ने भ्रमित किया, पाकिस्तान ने उसका फायदा उठाया। 1988 में पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल जिया ने कहा था कि जब तक 370 है, तब तक कश्मीर का युवा भारत के साथ आत्मा से नहीं जुड़ सकता। शाह ने जानकारी दी कि 1989 से 2018 तक राज्य में हिंसा में 41,849 लोगों की जान गई। ऐसा अनुच्छेद 370 के कारण हुआ।
◆पीडीपी सांसदों ने संविधान फाड़ने की कोशिश की, सभापति ने मार्शल बुलाकर बाहर भेजा। पीडीपी सांसद फयाज़ मोहम्मद मीर सदन के बाहर भी विरोध जताते दिखे।

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