पार्टी के रुख से नाराज़ कांग्रेस के राज्यसभा सांसद का इस्तीफा


नई दिल्ली. जनार्दन द्विवेदी ने भी किया समर्थन बोले- मेरे गुरु लोहिया भी 370 के खिलाफ थे। संसद के उच्च सदन राज्यसभा में विपक्ष को सोमवार को बड़ा झटका लगा। अनुच्छेद 370 के उन्मूलन और जम्मू-कश्मीर को दो भागों में विभाजित करने के मुद्दे पर पार्टी के रुख से नाराज कांग्रेस के चीफ व्हिप भुबनेश्वर कलिता ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने आप को खत्म करने के रास्ते पर चल पड़ी है। भुबनेश्वर कलिता ने ऐसे समय में इस्तीफा दिया जब उन्हें अनुच्छेद 370 को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर को दो भागों में बांटने के मुद्दे पर अपनी पार्टी के सदस्यों के लिए व्हिप जारी करना था। कलिता ने एक जारी कर कहा, 'पार्टी ने मुझसे व्हिप जारी करने के लिए कहा था, लेकिन यह देश के मिजाज के खिलाफ है। पार्टी विनाश के रास्ते पर जा रही है और मैं इसमें उसका भागीदार नहीं बन सकता हूं।' असम से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद कलिता का कार्यकाल अगले साल नौ अप्रैल तक था। हाल के दिनों में राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले कलिता कांग्रेस के दूसरे सांसद हैं। इससे पहले पूर्व अमेठी राजघराने के सदस्य संजय सिंह ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। कलिता ने भाजपा में शामिल होने के सवाल पर कुछ नहीं कहा। वहीं, उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने भी अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। लोकसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन में अहम भूमिका निभाने वाले संजय सेठ ने भी समाजवादी पार्टी को जोर का झटका दिया है। नीरज शेखर और सुरेंद्र नागर के बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले संजय सेठ सपा के तीसरे सांसद हैं। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदन में दोनों का इस्तीफा स्वीकार करने की घोषणा की। कलिता और सेठ के इस्तीफे से राज्यसभा में जहां विपक्ष कमजोर हुआ है, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा की ताकत बढ़ी है। राज्यसभा में अब कांग्रेस के सदस्यों की संख्या घटकर 46 रह गई है, जबकि सपा के 10 सदस्य रह गए हैं। जम्मू-कश्मीर समेत तमाम अहम मुद्दों से जुड़े प्रस्ताव के मद्देनजर यह बदलाव बहुत अहम है, क्योंकि उच्च सदन में अभी भाजपा के पास बहुमत नहीं हैं।

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