ट्रांसजेंडरों के अधिकारों के लिए राष्ट्रीय प्राधिकरण बनेगा


नई दिल्ली | लोकसभा में सोमवार को ट्रांसजेंडर अधिकार संरक्षण बिल 2019 ध्वनिमत से पास हो गया। इस बिल में ट्रांसजेंडरों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण का प्रावधान है। बिल पर चर्चा के जवाब में सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रतन लाल कटारिया ने कहा कि 2011 की जनगणना के मुताबिक देश में 4.80 लाख से अधिक ट्रांसजेंडर हैं। इनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी। बिल में ट्रांसजेंडरों के खिलाफ अपराध और उनके यौन उत्पीड़न पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। यह बिल उन लोगों के अधिकारों के लिए है जो जन्म से ट्रांसजेंडर हैं या सर्जरी अथवा हार्मोनल थेरेपी के जरिए ट्रांसजेंडर बने हैं। ऐसे लोगों को हमारे समाज में किन्नर, हिजड़ा, अरावानी और जोगटा के नाम से भी जाना जाता है। जिला मजिस्ट्रेट और जिला जांच कमेटी इन्हें पहचान का सर्टिफिकेट जारी करेगी। बिल से उस विवादित प्रावधान को हटा दिया गया है जिसमें ट्रांसजेंडरों के भीख मांगने को अपराध करार दिया गया था। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मामले में स्थगन नोटिस पर चर्चा नहीं कराने का विरोध किया। यह बिल पिछले महीने लाया गया था।

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